अगर देखा जाय तो शेयर बाजार में हर किसी के दिमाग में एक बात जरूर आती है कि कल यानी Tomorrow शेयर मार्केट गिरेगा या भागेगा, बाजार में तेजी आएगी या मंदी आएगी? ये बात सही भी है और ये चीज हर रोज देखने को मिलती भी है कि अभी कल मार्केट खुलेगा तो बाजार में तेजी आएगी या मंदी, मार्केट ऊपर जायेगा या नीचे जायेगा।
इसी तरह कल बाजार बंद होने के बाद परसों के बारे में सोचेंगे कि आगे क्या होगा मतलब वापस बाजार भागेगा या नीचे ही जायेगा। इस चीज को लेकर हमारे दिमाग में हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है। तो, इसी को लेकर अगर आपको अनुमान लगाना है और आप जानना चाहते हैं कि कल Stock Market भागेगा या गिरेगा तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए।
यह एक विस्तृत आर्टिकल है जो आपको यह समझने में मदद करेगा कि बाज़ार खुलने से पहले उसकी दिशा का अनुमान कैसे लगाया जाए।
इसे भी पढ़ें :👉 शेयर बाज़ार क्या है और कैसे काम करता है? एक पूरी गाइड
कल Stock Market भागेगा या गिरेगा? पहले ही पता करने के 5 अचूक तरीके
शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने वाले हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल होता है— "कल मार्केट कैसा रहेगा?" हालांकि शेयर मार्केट में किसी भी बात की 100% गारंटी नहीं होती, लेकिन ग्लोबल संकेतों (Global Cues) को समझकर हम काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकते हैं।
शेयर बाजार के बारे में एक मशहूर कहावत है— "बाजार कभी भी अचानक नहीं चलता, वह हमेशा संकेत छोड़ता है।" एक आम रिटेल निवेशक अक्सर सुबह 9:15 बजे स्क्रीन खोलता है और हैरान हो जाता है कि बाजार अचानक 200 पॉइंट ऊपर या नीचे कैसे खुल गया। जबकि एक प्रोफेशनल ट्रेडर सुबह 7:00 बजे से ही दुनिया भर के संकेतों को पढ़कर यह जान चुका होता है कि आज क्या होने वाला है।
हालांकि शेयर बाजार में गारंटी शब्द का कोई वजूद नहीं है, लेकिन संभावनाओं (Probabilities) को इन 5 स्तंभों के आधार पर समझा जा सकता है:
1. डॉउ जोन्स (Dow Jones Industrial Average - DJIA)
डॉउ जोन्स अमेरिका के शेयर बाजार का सबसे पुराना और प्रमुख सूचकांक है। इसे "मदर मार्केट" कहा जाता है।
- महत्व: जब भारत में रात होती है, तब अमेरिका में ट्रेडिंग चल रही होती है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में होने वाली कोई भी हलचल पूरी दुनिया के पैसे (Capital Flow) को प्रभावित करती है।
- कैसे ट्रैक करें: यदि डॉउ जोन्स 1% से ज्यादा की तेजी या गिरावट के साथ बंद हुआ है, तो इसका सीधा असर अगले दिन भारतीय निवेशकों के "सेंटिमेंट" पर पड़ेगा।
- लॉजिक: अगर अमेरिकी निवेशक डरे हुए हैं और बिकवाली कर रहे हैं, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से भी पैसा निकालने की कोशिश करते हैं।
2. नैस्डेक (Nasdaq Composite)
नैस्डेक मुख्य रूप से टेक-हैवी इंडेक्स है। इसमें Apple, Microsoft और Google जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।
- भारत पर असर: भारत की बड़ी कंपनियां जैसे TCS, Infosys, Wipro और HCL Tech अपना अधिकांश राजस्व (Revenue) अमेरिका से कमाती हैं।
- कनेक्शन: अगर नैस्डेक रात को 2% गिर गया, तो सुबह भारतीय IT सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आने की संभावना होती है। चूंकि IT सेक्टर का निफ्टी-50 में बड़ा वजन (Weightage) है, इसलिए नैस्डेक का गिरना पूरे भारतीय इंडेक्स को नीचे खींच सकता है।
3. एशियाई मार्केट (Asian Markets - Hang Seng & Shanghai)
भारतीय बाजार खुलने से पहले एशियाई बाजारों का रुझान सामने आ चुका होता है। इसमें हांगकांग का Hang Seng और चीन का Shanghai Composite प्रमुख हैं।
- इमर्जिंग मार्केट्स का प्रभाव: भारत और चीन दोनों "इमर्जिंग मार्केट्स" की श्रेणी में आते हैं। वैश्विक फंड मैनेजर अक्सर पूरे एशिया के लिए एक जैसी रणनीति अपनाते हैं।
- ट्रैकिंग: सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे के बीच अगर हांगकांग और चीन के बाजार लाल निशान में हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशक आज जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
4. जापान मार्केट (Nikkei 225)
जापान का 'निक्केई' एशियाई बाजार का सूर्योदय है। यह भारतीय समय के अनुसार सुबह बहुत जल्दी खुल जाता है।
- Carry Trade का गणित: जापान की ब्याज दरें अक्सर बहुत कम होती हैं, इसलिए कई बड़े निवेशक वहां से पैसा उधार लेकर दुनिया भर के बाजारों में लगाते हैं।
- संकेत: निक्केई की चाल से यह पता चलता है कि क्या ग्लोबल मार्केट में तरलता (Liquidity) बनी हुई है या निवेशक पैसा वापस खींच रहे हैं। अगर निक्केई सुबह 500-600 पॉइंट गिरकर ट्रेड कर रहा है, तो भारतीय बाजार में 'Gap-up' की उम्मीद करना मुश्किल होता है।
5. गिफ्ट निफ़्टी (GIFT Nifty) - आपका सबसे बड़ा जासूस
यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। गिफ्ट निफ़्टी (जो पहले SGX Nifty था) अब गुजरात के गांधीनगर से संचालित होता है।
- यह क्या है? यह निफ़्टी 50 का एक 'डेरिवेटिव' है जो अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए लगभग 21 घंटे खुला रहता है।
- ओपनिंग का सटीक अनुमान: भारतीय शेयर बाजार सुबह 9:15 पर खुलता है, लेकिन गिफ्ट निफ़्टी सुबह 6:30 बजे ही हलचल शुरू कर देता है।
- उदाहरण: अगर भारतीय निफ़्टी कल 23,500 पर बंद हुआ था और आज सुबह गिफ्ट निफ़्टी 23,650 पर ट्रेड कर रहा है, तो आप 90% यकीन के साथ कह सकते हैं कि भारतीय बाजार कम से कम 100-150 पॉइंट ऊपर खुलेगा।
इसे भी पढ़ें : 👉अपने पोर्टफोलियो को शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से कैसे बचाएं
इसे भी पढ़ें : 👉शेयर मार्केट में अपना पोर्टफोलियो कैसे बनाएं
बाज़ार की दिशा तय करने वाले अन्य कारक
सिर्फ इंडेक्स देखना काफी नहीं है, गहराई में जाने के लिए इन पर भी नजर डालें:
क. डॉलर इंडेक्स (DXY): डॉलर इंडेक्स और शेयर बाजार का रिश्ता 'आकड़े' (Inverse) जैसा है। अगर डॉलर मजबूत हो रहा है, तो शेयर बाजार गिरेगा। अगर डॉलर कमजोर हो रहा है, तो शेयर बाजार के लिए यह "बूस्टर डोज़" का काम करता है।
ख. कच्चा तेल (Crude Oil): भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें $90/बैरल के पार जाती हैं, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बुरा है। इससे महंगाई बढ़ती है और स्टॉक मार्केट में गिरावट आती है।
ग. इंडिया विक्स (India VIX) - डर का मीटर: इंडिया विक्स बाजार की अस्थिरता (Volatility) को मापता है। अगर VIX 15-20% बढ़ गया है, तो समझ लीजिए कि बाजार में भारी उठापटक होने वाली है।
प्रमुख वेबसाइटें और ऐप्स की सूची
जैसा कि अभी तक जो जानकारी आपको मिली है उसके लिए उन प्रमुख वेबसाइटों और ऐप्स की सूची भी यहाँ दी गई है जहाँ से आप ऊपर बताए गए सभी ग्लोबल डेटा एक ही जगह और बिल्कुल मुफ्त में ट्रैक कर सकते हैं:
Investing.com (सबसे बेहतरीन टूल): यहाँ आपको 'Indices Futures' सेक्शन में दुनिया भर के बाजारों के लाइव आंकड़े मिलते हैं। इसके होमपेज पर ही आपको Dow Futures और Nasdaq Futures दिख जाएंगे।
Moneycontrol (भारतीय निवेशकों की पसंद): इनके 'Global Markets' सेक्शन में आपको एक ही टेबल में GIFT Nifty, Dow Jones, और Asian Markets की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
NSE India की आधिकारिक वेबसाइट (NSEIndia.com): सुबह 9:08 बजे इस वेबसाइट पर 'Pre-Open Market' सेक्शन देखें। यहाँ आपको पता चल जाएगा कि असल में निफ्टी कितने पॉइंट ऊपर या नीचे खुल रहा है।
TradingView (चार्ट प्रेमियों के लिए): सर्च सिंबल: DJI (Dow Jones), IXIC (Nasdaq), IN1! (GIFT Nifty Futures), DXY (US Dollar Index)।
CNBC-TV18 (लाइव अपडेट्स के लिए): सुबह 8:00 बजे इनका "Bazaar Morning Call" प्रोग्राम बहुत उपयोगी होता है।
निष्कर्ष: शेयर बाजार में सावधानी ही सुरक्षा है
लेख के अंत में यह समझना जरूरी है कि बाजार एक जीवित इकाई (Living Entity) की तरह है। कभी-कभी सारे ग्लोबल संकेत सकारात्मक होते हैं, लेकिन बाजार खुलने के 5 मिनट बाद भारत सरकार की कोई नई पॉलिसी आ जाती है या किसी बड़ी कंपनी का रिजल्ट खराब आ जाता है, और बाजार अचानक गिर जाता है।
डेटा कितना भी मजबूत क्यों न हो, 'Sentiment' कभी भी बदल सकता है। उदाहरण के लिए: यदि GIFT Nifty 100 पॉइंट ऊपर है, लेकिन बाजार खुलते ही कोई बड़ी बुरी खबर आ गई, तो मार्केट 10 मिनट में नीचे गिर सकता है।
अंतिम सलाह: एक सफल ट्रेडर वह नहीं है जो कल की भविष्यवाणी करे, बल्कि वह है जो बाजार की चाल देखकर अपनी रणनीति बदल ले। सुबह 8:00 बजे गिफ्ट निफ़्टी देखें, रात के अमेरिकी बाजारों का क्लोजिंग डेटा देखें और सबसे जरूरी, अपनी रिस्क मैनेजमेंट (Stop Loss) को कभी न भूलें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल शिक्षा और सूचना (Educational Purposes) के उद्देश्य से है। शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश और ट्रेडिंग जोखिमों के अधीन है। ऊपर बताए गए संकेत केवल बाज़ार के रुझान को समझने के तरीके हैं, इन्हें निवेश की सलाह (Investment Advice) न माना जाए।
बाज़ार में कोई भी निवेश करने या ट्रेड लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श ज़रूर लें। हम (लेखक/प्लेटफॉर्म) आपके द्वारा किए गए किसी भी वित्तीय लाभ या हानि के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे। हमेशा याद रखें कि बाज़ार में अपनी मेहनत की कमाई लगाने से पहले खुद का शोध (Research) करना अनिवार्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ):
प्रश्न: बाजार खुलने से पहले निफ्टी की ओपनिंग कैसे चेक करें?
उत्तर: सुबह 6:30 बजे से 9:00 बजे के बीच GIFT Nifty को देखकर आप निफ्टी की संभावित ओपनिंग का पता लगा सकते हैं।
प्रश्न: क्या अमेरिकी बाजार (Dow Jones) गिरने पर भारतीय बाजार भी गिरेगा?
उत्तर: अक्सर हाँ, क्योंकि भारतीय बाजार अमेरिकी बाजारों के सेंटिमेंट को फॉलो करते हैं, लेकिन कभी-कभी मजबूत डोमेस्टिक न्यूज़ के कारण भारतीय बाजार संभल भी सकते हैं।
प्रश्न: कल मार्केट गैप-अप (बढ़त) खुलेगा या गैप-डाउन (गिरावट), यह सुबह कितने बजे पता चलता है?
उत्तर: सुबह 6:30 बजे जब GIFT Nifty की ट्रेडिंग शुरू होती है, तब से आपको बाज़ार की ओपनिंग का अंदाजा मिलना शुरू हो जाता है। सटीक ओपनिंग भाव जानने के लिए सुबह 9:08 बजे NSE की वेबसाइट पर 'Pre-Open Session' चेक करें।
प्रश्न: क्या डॉउ जोन्स (Dow Jones) का चढ़ना हमेशा भारतीय बाज़ार के लिए अच्छा होता है?
उत्तर: ज़्यादातर मामलों में हाँ, क्योंकि यह ग्लोबल निवेशकों के सकारात्मक मूड को दर्शाता है। लेकिन, यदि भारत में कोई बुरी खबर हो या कच्चा तेल महंगा हो जाए, तो अमेरिकी बाज़ार की तेज़ी के बावजूद भारतीय बाज़ार गिर सकता है।
प्रश्न: निफ़्टी 50 की चाल समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण इंडेक्स कौन सा है?
उत्तर: सबसे महत्वपूर्ण GIFT Nifty है, क्योंकि यह सीधे तौर पर निफ़्टी 50 के कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेड करता है। इसके बाद अमेरिकी Nasdaq (IT सेक्टर के लिए) और Dow Jones (ओवरऑल मार्केट के लिए) का स्थान आता है।
प्रश्न: क्या ये संकेत 100% सही होते हैं?
उत्तर: नहीं, शेयर बाज़ार में किसी भी संकेत की 100% गारंटी नहीं होती। ये केवल एक 'संभावना' (Probability) बताते हैं। बाज़ार खुलने के बाद नए ट्रिगर्स या खबरों के आधार पर दिशा बदल सकती है।

