Wipro Share Price Target 2030: शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से IT सेक्टर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भारत की दिग्गज IT कंपनी विप्रो (Wipro) के वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, जिसके बाद शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि एक्सपर्ट्स इस गिरावट को किस तरह देख रहे हैं और 2030 तक कंपनी का भविष्य क्या हो सकता है।
Wipro Share Analysis in Hindi: भारतीय शेयर बाजार में जब भी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर और वेल्थ क्रिएशन (दौलत बनाने) की बात होती है, तो विप्रो (Wipro Ltd) का नाम गर्व से लिया जाता है। लेकिन जनवरी 2026 में आए तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों ने निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नतीजों के बाद शेयर में आई 7-10% की गिरावट ने नए और पुराने दोनों निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है— क्या विप्रो अब भी मल्टीबैगर है, या इसका सुनहरा दौर खत्म हो चुका है?
1. Wipro Q3 Results 2026: आखिर गिरावट क्यों आई?
शेयर बाजार हमेशा "भविष्य की उम्मीदों" पर चलता है। विप्रो के हालिया नतीजों में कुछ ऐसी बातें रहीं जिन्होंने बाजार को डरा दिया:
- मुनाफे में कमी (Profit Dip): विप्रो का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 7% गिरकर ₹3,119 करोड़ रह गया। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी कम से कम फ्लैट नतीजे पेश करेगी।
- कमजोर रिवेन्यू गाइडेंस: सबसे बड़ा झटका मैनेजमेंट के बयान से लगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगली तिमाही (Q4) में रिवेन्यू ग्रोथ 0% से 2% के बीच ही रहेगी। इसका मतलब है कि निकट भविष्य में बड़ी रिकवरी के आसार कम हैं।
- कर्मचारी लागत और लेबर कोड: नए लेबर कोड के लागू होने और आंतरिक पुनर्गठन (Restructuring) की वजह से कंपनी को लगभग ₹560 करोड़ का एकमुश्त (One-time) बोझ उठाना पड़ा, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ा।
2. विप्रो का ऐतिहासिक सफर: ₹10,000 से करोड़ों तक
Wipro Bonus History: विप्रो को "बोनस का बादशाह" कहा जाता है। पिछले लेख में हमने देखा कि कैसे 2003 का ₹10,000 का निवेश आज करोड़ों में बदल गया है। यहाँ मुख्य बात यह है कि विप्रो का शेयर कभी भी ₹1000 या ₹2000 के ऊपर बहुत समय तक नहीं टिकता।
इसका कारण क्या है? जैसे ही शेयर की कीमत बढ़ती है, विप्रो मैनेजमेंट बोनस शेयर जारी कर देता है। इससे शेयर की कीमत कम हो जाती है और छोटे निवेशकों के लिए यह फिर से सस्ता और आकर्षक बन जाता है। पिछले 22 सालों में 6 बार बोनस देना इस बात का प्रमाण है कि कंपनी अपने शेयरधारकों के साथ मुनाफा बांटने में विश्वास रखती है।
3. विप्रो की भविष्य की रणनीति: क्या है 2030 का विजन?
Multibagger IT Stocks India: विप्रो अब केवल एक सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनी नहीं रहना चाहती। कंपनी का पूरा ध्यान अब "Next-Gen Technology" पर है:
क) AI और Cloud पर दांव (Wipro ai360)
विप्रो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में $1 बिलियन के निवेश की योजना शुरू की है। कंपनी अपने सभी 2,50,000 कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग दे रही है। 2030 तक, जिन कंपनियों के पास मजबूत AI इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, वही बाजार पर राज करेंगी।
ख) वैश्विक विस्तार और रणनीतिक अधिग्रहण
विप्रो ने हाल के वर्षों में यूरोप और अमेरिका में कई छोटी लेकिन महत्वपूर्ण टेक कंपनियों को खरीदा है। इससे उनकी निर्भरता केवल एक बाजार पर कम हुई है और क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उनकी पकड़ मजबूत हुई है।
4. Wipro Share Price Target 2030: वित्तीय विश्लेषण
यदि हम कंपनी की मौजूदा ग्रोथ रेट और भविष्य की संभावनाओं को देखें, तो 2030 तक के लक्ष्य कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:
Wipro Price Forecast 2026-2030: Q3 नतीजों के बाद नया अनुमान
| वर्ष (Year) | संशोधित न्यूनतम लक्ष्य | औसत लक्ष्य | अधिकतम लक्ष्य |
|---|---|---|---|
| 2026 | ₹245 | ₹290 | ₹340 |
| 2027 | ₹310 | ₹365 | ₹420 |
| 2028 | ₹390 | ₹450 | ₹530 |
| 2029 | ₹480 | ₹560 | ₹660 |
| 2030 | ₹590 | ₹710 | ₹840 |
*नोट: यह डेटा जनवरी 2026 की मार्केट गिरावट के बाद अपडेट किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
लक्ष्यों का आधार:
- न्यूनतम लक्ष्य (₹610): यदि IT सेक्टर में सुस्ती बनी रहती है और वैश्विक मंदी का असर रहता है।
- औसत लक्ष्य (₹720): यदि कंपनी 12-14% की दर से सालाना वृद्धि करती है।
- अधिकतम लक्ष्य (₹850): यदि विप्रो का AI बिजनेस सफल रहता है और कंपनी फिर से पुरानी ग्रोथ रेट पर लौट आती है।
5. एक्सपर्ट्स की राय: भारी गिरावट में क्या करें?
बाजार के विशेषज्ञों (Market Experts) का मानना है कि विप्रो अभी एक "Value Buy" है।
- ब्रोकरेज हाउस का नजरिया: जहाँ कुछ बड़े विदेशी ब्रोकरेज ने रेटिंग घटाई है, वहीं भारतीय एनालिस्ट्स का मानना है कि ₹230-₹240 का स्तर एक बहुत मजबूत सपोर्ट है। यहाँ से शेयर के और नीचे गिरने की संभावना बहुत कम है।
- डिविडेंड यील्ड: विप्रो नियमित रूप से अच्छा डिविडेंड देती है। यदि शेयर प्राइस नहीं भी बढ़ता, तो भी निवेशक डिविडेंड के जरिए FD से बेहतर रिटर्न कमा लेते हैं।
6. निवेश की रणनीति: SIP या लम्पसम (Lump-sum)?
मौजूदा गिरावट में निवेशकों को दो तरह की रणनीति अपनानी चाहिए:
- नए निवेशक: यदि आप पहली बार विप्रो में पैसा लगा रहे हैं, तो अपनी कुल पूंजी का केवल 20-30% अभी लगाएं। बाकी पैसा धीरे-धीरे अगले 6 महीनों में (SIP के जरिए) डालें।
- पुराने निवेशक: यदि आपने ऊपरी स्तरों (₹300+) पर खरीदा है, तो घबराकर बेचें नहीं। गिरावट में 'एवरेज' करने की कोशिश करें ताकि आपकी खरीद लागत कम हो सके।
7. IT सेक्टर की चुनौतियां और अवसर
IT सेक्टर अभी एक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के क्लाइंट्स पर पड़ता है। 2026-27 के दौरान यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था स्थिर होती है, तो विप्रो जैसी कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
8. निष्कर्ष: निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं, तो अभी इस स्टॉक से दूर रहना या सख्त स्टॉप लॉस के साथ काम करना बेहतर है। लेकिन, यदि आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं जो डिविडेंड और बोनस का फायदा उठाना चाहते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए SIP (Systematic Investment Plan) शुरू करने का सुनहरा मौका हो सकती है।
विप्रो भले ही कछुए की चाल चले, लेकिन इतिहास गवाह है कि लंबी रेस में इसने हमेशा निवेशकों की वेल्थ बढ़ाई है।
विप्रो की तुलना कछुए से की जा सकती है—धीमी लेकिन स्थिर। यह स्टॉक उन लोगों के लिए नहीं है जो एक साल में पैसा दोगुना करना चाहते हैं। यह उनके लिए है जो अगले 10-20 साल के लिए अपनी रिटायरमेंट की योजना बना रहे हैं।
2030 तक विप्रो के शेयर की वैल्यू निश्चित रूप से बढ़ेगी, लेकिन उससे भी ज्यादा बढ़ेगी आपके शेयरों की संख्या (अगर कंपनी बोनस की परंपरा जारी रखती है)।
विप्रो अभी एक 'Value Play' बन गया है। जहाँ ग्रोथ में सुस्ती है, वहीं इसका ₹6 का डिविडेंड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे लंबी अवधि के लिए सुरक्षित बनाता है।
हमारा यही मानना है कि इस भारी गिरावट से डरें नहीं, बल्कि इसे एक 'डिस्काउंट सेल' की तरह देखें। विप्रो एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी है और इतिहास गवाह है कि ऐसी कंपनियां हमेशा गिरकर संभली हैं।
"क्या आपने विप्रो को हालिया गिरावट में खरीदा है या आप और नीचे जाने का इंतज़ार कर रहे हैं? कमेंट में अपनी राय हमारे साथ साझा करें!"
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या विप्रो का भविष्य सुरक्षित है?
उत्तर: जी हाँ, कंपनी का कैश फ्लो बहुत मजबूत है और उनके पास दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों (Fortune 500) का क्लाइंट बेस है।
Q2. क्या 2026 में विप्रो बोनस दे सकता है?
उत्तर: विप्रो ने दिसंबर 2024 में ही बोनस दिया है। आमतौर पर कंपनी 2-3 साल के अंतराल पर बोनस देती है, इसलिए 2026 के अंत या 2027 में इसकी संभावना बन सकती है।
Q3. विप्रो का सबसे खराब स्तर (Bottom) क्या हो सकता है?
उत्तर: तकनीकी चार्ट के अनुसार ₹215 - ₹220 विप्रो का सबसे बड़ा सपोर्ट है, जिसे तोड़ना कंपनी के लिए बहुत मुश्किल होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख केवल शैक्षिक व सामान्य जानकारी के लिए है। हम SEBI पंजीकृत सलाहकार नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी निवेश से पहले अपने स्वंय रिसर्च व विस्तृत जानकारी प्राप्त करें और साथ ही अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

